काव्या के काव्य संग्रह मेरी आवाज़ अकेली आवारा आज़ाद का विमोचन कार्यक्रम
देश के गांव कस्बे से आने वाले नये कवियों में बहुत संभावना है- पीयूष कुमार रायपुर। आज की हिंदी कविताओं में नये बिम्ब और तेवरों के साथ आ रहे नवोदित कवियों में बहुत संभावना है. वे आज के गांव, शहर, महानगर, आर्थिकी, सत्ता और टेक्नोलाजी के जटिल संबंधों को समझ कर बेहतर रचनाएँ लिख रहे…
