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मोटापा बना ‘साइलेंट किलर’! क्यों बढ़ जाता है डायबिटीज और ब्लड प्रेशर का खतरा?

Diabetes and blood pressure :  भारत में मोटापा एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि सिर्फ वजन बढ़ना ही समस्या नहीं है, बल्कि यह टाइप 2 डायबिटीज और उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) जैसी जानलेवा बीमारियों का सीधा कारण बन रहा है। पेट के आस-पास जमा विसेरल फैट सबसे बड़ा खतरा है।

खतरा क्यों बढ़ता है? डॉक्टर से जानिए कारण

चिकित्सकों के अनुसार, शरीर में अधिक वसा (फैट) जमा होने से हमारे आंतरिक अंगों की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है, जिससे ये बीमारियाँ पनपती हैं:

  • इंसुलिन प्रतिरोध (Insulin Resistance): जब मोटापा बढ़ता है, खासकर पेट की चर्बी, तो फैट कोशिकाएँ ऐसे रसायन (केमिकल्स) जारी करती हैं जो शरीर को इंसुलिन के प्रति असंवेदनशील बना देते हैं। इंसुलिन हमारे रक्त से ग्लूकोज (शुगर) को कोशिकाओं में भेजने का काम करता है। जब कोशिकाएँ प्रतिरोध करती हैं, तो ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है, जिससे टाइप 2 डायबिटीज का खतरा पैदा होता है।
  • हृदय पर अतिरिक्त दबाव: अतिरिक्त वजन उठाने के लिए हृदय (Heart) को शरीर के चारों ओर रक्त पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इससे रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) पर दबाव बढ़ता है, जो सीधे तौर पर उच्च रक्तचाप (हाई बीपी) का कारण बनता है।
  • धमनियों का सख्त होना (Atherosclerosis): मोटापा रक्त वाहिकाओं में वसा जमाव को बढ़ाता है, जिससे धमनियां संकरी और सख्त हो जाती हैं। रक्त के प्रवाह में रुकावट आने पर ब्लड प्रेशर और बढ़ जाता है।

बचाव के 5 आसान और प्रभावी उपाय

डॉक्टरों के मुताबिक, जीवनशैली में बदलाव लाकर इन गंभीर खतरों से बचा जा सकता है। ये हैं 5 मुख्य बचाव के उपाय:

  1. संतुलित और पौष्टिक आहार (Dietary Changes):
    • फल, सब्जियां और साबुत अनाज जैसे फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ अधिक खाएं।
    • प्रोसेस्ड फूड, अतिरिक्त चीनी और ट्रांस फैट वाली चीजों से दूरी बनाएं।
    • नमक (सोडियम) का सेवन कम करें, जो ब्लड प्रेशर के लिए हानिकारक है।
  2. नियमित व्यायाम (Regular Exercise):
    • रोजाना कम से कम 30 से 45 मिनट का मध्यम-तीव्रता वाला शारीरिक श्रम करें (जैसे तेज चलना, जॉगिंग)।
    • वजन घटाने और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने के लिए सप्ताह में कुछ दिन योग या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी करें।
  3. वजन पर नियंत्रण (Weight Management):
    • अपने बॉडी मास इंडेक्स (BMI) को स्वस्थ सीमा में बनाए रखें।
    • डॉक्टरों के अनुसार, शुरुआती 5-10% वजन कम करने से भी डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के जोखिम में महत्वपूर्ण कमी आती है।
  4. तनाव और नींद का प्रबंधन (Stress and Sleep Management):
    • तनाव को नियंत्रित करने के लिए ध्यान (Meditation) या हॉबीज़ में समय दें।
    • प्रतिदिन 7-8 घंटे की गहरी नींद लें। खराब नींद भी इंसुलिन और ब्लड प्रेशर को प्रभावित करती है।
  5. धूम्रपान और शराब से बचें (Avoid Tobacco and Alcohol):
    • धूम्रपान और शराब दोनों ही रक्त वाहिकाओं को सीधा नुकसान पहुँचाते हैं, जिससे हृदय रोग और उच्च रक्तचाप का खतरा बढ़ता है।

याद रखें: मोटापा एक बीमारी की जड़ है। इन उपायों को अपनाकर आप एक स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ा सकते हैं। क्या आप आज ही अपनी जीवनशैली में इन बदलावों को लागू करने के लिए तैयार हैं?

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