नितीश कुमार के राज्यसभा जाने पर भूपेश बघेल का तंज, कहा – मोदी और शाह की चाल में फंस गए सीएम

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार के राज्यसभा जाने को लेकर तंज कसते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय नितीश कुमार को मुख्यमंत्री का चेहरा मानने से इनकार किया गया था, लेकिन वे पुराने खिलाड़ी हैं। दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लिए। इसके बावजूद वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की राजनीति की चाल में फंस गए। बघेल ने कहा कि नितीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ा गया और जीत भी हासिल हुई, लेकिन बाद में उन्हें धक्का मारकर बाहर कर दिया गया।

धान की सुखत पर सरकार को घेरा

धान की सुखत (नमी) को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार कह रही है कि धान में जितनी सुखत आएगी, उतनी काटी जाएगी। इससे बचने के लिए धान में पानी डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेमेतरा जिले में सबसे कम बारिश हुई है, जबकि महासमुंद और बेमेतरा में सबसे ज्यादा धान खरीदी हुई है। बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि विष्णुदेव के सुशासन में सब कुछ संभव है।

राज्यपाल की बैठकों पर उठाए सवाल

राज्यपालों के फेरबदल को लेकर भी भूपेश बघेल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के राज्यपाल ने सभी जिलों में जाकर बैठकें लीं, लेकिन उसके बाद भी धान खरीदी की व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। राज्यपाल की बैठकों का कोई असर जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है।

कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर हमला

प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी भूपेश बघेल ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बेहद खराब हो गई है। होली के दिन भी चाकूबाजी की घटनाओं में लोगों की मौत हो रही है। घर में घुसकर मारपीट की जा रही है। पुलिस की वर्दी तक फाड़ी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने ड्राय डे घोषित किया था, इसके बावजूद ऐसी घटनाएं हुईं। अगर शराब की दुकानें खुली रहतीं तो क्या होता। सरकार से स्थिति संभाली नहीं जा रही है।

कमिश्नर प्रणाली से अब तक कोई बदलाव नहीं दिखा

भूपेश बघेल ने गृह मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि उन्हें शर्म है तो इस्तीफा दे देना चाहिए। उनसे न तो कवर्धा संभल रहा है और न ही पूरा प्रदेश। उन्होंने कमिश्नर प्रणाली को लेकर भी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि ढोल पीट-पीटकर कहा गया था कि इससे बड़ा परिवर्तन आएगा, लेकिन अब तक कोई बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *