बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। लंबे समय से सक्रिय और डीकेएसजेडसी (DKSZC) रैंक का नक्सली पापा राव जल्द ही आत्मसमर्पण करने वाला है। बताया जा रहा है कि वह अपने 12 साथियों के साथ जगदलपुर पहुंचकर पुनर्वास प्रक्रिया में शामिल होगा।
भारी हथियारों के साथ सरेंडर की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, पापा राव और उसके साथियों के पास एके-47, एसएलआर जैसे आधुनिक हथियार मौजूद हैं। फिलहाल उसकी मौजूदगी आईटीआर क्षेत्र के घने जंगलों में बताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
बस्तर में नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका
यदि पापा राव का आत्मसमर्पण होता है, तो इसे बस्तर में नक्सल नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, उसके सरेंडर के बाद क्षेत्र में सिर्फ केसा सोढ़ी जैसे कुछ गिने-चुने नक्सली ही सक्रिय रह जाएंगे।
मुख्यमंत्री का बयान
इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकार की सख्त नीति का असर दिख रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प के कारण नक्सलवाद के खात्मे की समयसीमा अब काफी नजदीक आ गई है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर पापा राव आत्मसमर्पण करता है, तो यह एक सकारात्मक कदम होगा और अन्य नक्सलियों के लिए भी एक संदेश साबित होगा।
पुनर्वास नीति का असर
सरकार की पुनर्वास नीति के चलते लगातार नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं। पापा राव जैसे बड़े नक्सली का सरेंडर इस नीति की सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि पापा राव कब और किस परिस्थिति में औपचारिक रूप से आत्मसमर्पण करता है। यह घटनाक्रम बस्तर में शांति स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।
